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Rahul Gandhi :आरी चलाई, कुर्सी बनाना सीखा; भारत जोड़ो यात्रा के बाद से लगातार कामगारों से मिल रहे

Rahul Gandhi : आरी चलाई, कुर्सी बनाना सीखा; भारत जोड़ो यात्रा के बाद से लगातार कामगारों से मिल रहे


Rahul Gandhi :आरी चलाई, कुर्सी बनाना सीखा; भारत जोड़ो यात्रा के बाद से लगातार कामगारों से मिल रहे


कांग्रेस नेता राहुल गांधी गुरुवार को अचानक दिल्‍ली के कीर्तिनगर में एशिया की सबसे बड़ी फर्नीचर मार्केट में पहुंचे। इस दौरान उन्‍होंने लकड़ी कारीगरों से मुलाकात कर उनका हाल जाना। राहुल को अपने बीच देखकर लकड़ी कारीगर फूले नहीं समाए। राहुल ने भी इस दौरान फर्नीचर बनाने के काम में हाथ आजमाया। उन्‍हें रंदा चलाते और नाप-जोख लेते देखा गया। इस मुलाकात के बारे में कांग्रेस ने अपने ऑ‍फ‍िश‍ियल ट्विटल हैंडल से भी जानकारी दी।


सोशल मीड‍िया पर इस मुलाकात की तस्‍वीरें पोस्‍ट करते हुए कांग्रेस ने ल‍िखा, 'दिल्ली के कीर्तिनगर स्थित एशिया के सबसे बड़े फर्नीचर मार्केट पहुंचे जननायक राहुल गांधी। वहां उन्होंने बढ़ई भाइयों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और उनके हुनर को करीब से जानने और समझने की कोशिश की। भारत जोड़ो यात्रा जारी है...'


कुली के बाद राहुल गांधी का बढ़ई वाला यह अंदाज देखने को मिला है। इस बार भी कांग्रेस नेता ने फर्नीचर मार्केट में अचानक पहुंच सबको चौंका दिया। इस दौरान उन्‍होंने सिर्फ कारीगरों से बातचीत ही नहीं की। अलबत्‍ता, उनके काम को भी बारीके से समझने की कोशिश की। इस दौरान उन्‍हें फर्नीचर की मरम्‍मत करते, रंदा चलाते और हथौड़ा पीटते देखा गया।


बीते दिनों भी राहुल गांधी अचानक राजधानी स्थित आनंद विहार रेलवे स्‍टेशन पहुंच गए थे। कुलियों से मुलाकात के दौरान उन्‍होंने भी कुली बन यात्रियों का सामान उठाया था। इसका वीडियो खूब वायरल हुआ था। इसके पहले उन्‍होंने हरियाणा में ट्रैक्‍टर चलाया था। फिर मोटर मैकेनिकों के साथ मुलाकात की थी। करोलबाग में वह मोटरसाइकिल मैकेनिकों से मिले थे।


कारीगरों की मदद से राहुल ने बनाई टेबल

राहुल गांधी गुरुवार को अचानक कीर्ति नगर स्थित फर्नीचर मार्केट में पहुंचे। वहां उन्होंने फर्नीचर बनाने वाले कारीगरों से बात की और उनकी मदद से एक टेबल भी बनाई। इससे पहले वह इसी इलाके की झुग्गी बस्ती में भी गए। लोगों से बातचीत करके उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी ली। झुग्गी बस्ती और फर्नीचर मार्केट में उन्होंने लगभग पांच घंटे बिताए।


स्थानीय झुग्गी झोपड़ी सेल के उमर सैफी ने बताया कि उन्हें पुलिस से सुबह लगभग 11 बजे सूचना मिली कि आधे घंटे में राहुल गांधी मार्केट में आ रहे हैं। वह आते ही पहले चूना भट्टी स्थित झुग्गी बस्ती में गए और लोगों से बातचीत की। उन्होंने वहां लोगों से उनके मकान और अन्य समस्याओं पर बातचीत की। उसके बाद वे पैदल ही फर्नीचर मार्केट में आ गए। मार्केट में घूमते हुए वह एक दुकान पर रुक गए और वहां कारपेंटर रामदयाल से बात करने लगे। उस वक्त वहां टेबल बनाने का काम चल रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि राहुल गांधी ने रामदयाल और अन्य कारीगरों की मदद से टेबल बनानी शुरू की। लगभग दो से ढाई घंटे में उन्होंने टेबल बनाई। टेबल की पॉलिश की और साथ ही वहां फर्नीचर बना रहे कारीगरों से भी उनके रोजगार, महंगाई जैसे मुद्दों पर बात करते रहे। इस बीच वहां उन्होंने लोकल ढाबे से दाल और पनीर की सब्जी मंगाकर कारीगरों के साथ ही खाना भी खाया।


इसके बाद वे मार्केट में घूमे और अलग अलग जगह रुक कर बात करते रहे। लगभग पांच बजे वे मार्केट से रवाना हो गए। उनके जाने से पहले दुकानदारों ने उन्हें लकड़ी की एक तोप भी भेंट की।

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