आखिर क्या है बाबा अमरनाथ की गुफा के दोनों कबूतरों का रहस्य
हिन्दू धर्म में बाबा अमरनाथ धाम से जुडी अनेक मान्यताये है | इनके दर्शन करने से जो पुण्य मिलता है वो देश के बड़े बड़े तीर्थो से भी ज्यादा होता है | बाबा अमरनाथ की यात्रा गुरु पूर्णिमा से लेकर रक्षा बंधन तक चलती है| ये मान्यता है की अगर आपने बाबा अमरनाथ के शिवलिंग के दर्शन कर लिए तो आपको सारे पापों से मुक्ति मिलती है और इतना ही नहीं मोक्ष की प्राप्ति भी होती है|

ये बात तो सब ही जानते है की धरती का स्वर्ण कश्मीर को कहा जाता है, इस ही कश्मीर में एक घाटी में श्री अमरनाथ जी की पवित्र गुफा में हर साल प्राकृतिक बर्फ से शिवलिंग बनता है और हिम शिवलिंग की पूजा की जाती है | यहाँ पर दो चीज़े है जो श्रधालुओं का ध्यान खीचती है एक तो है अद्भुत स्वरुप वाला शिवलिंग और दूसरा है इस गुफा में रहने वाला कबूतरों का जोड़ा| वैसे हम आपको बता दें की कहा जाता है की इन कबूतरों के दर्शन होना किसी दैवीय कृपा से कम नहीं है| आइये आज हम आपको बताते है की बाबा भोलेनाथ की गुफा में कबूतरों से जुड़ा रहस्य क्या है |

इस पवित्र बाबा अमरनाथ गुफा में भगवन शिव और माता पार्वती कई युगों से कबूतर के रूप में विराजमान है | जी हाँ दरअसल कहा जाता है की एक समय माता पार्वती ने भगवन शिव से अमर कथा सुनने की जिद की थी जिसके बाद शिव , शंकर पार्वती माता को लेकर इस गुफा में आये थे|

वह माता पार्वती को इस गुफा में इसलिए लाये थे ताकि ये कथा कोई अन्य ना सुन सके, और तो और भगवन शिव अपने गले में शुशोभित नाग के साथ साथ माथे पर सजे हुए चन्द्र को भी रास्ते में उतार कर रख दिया था जिसके बाद उन्होंने इस गुफा में प्रवेश किया |
शिवजी से अमर होने की कथा सुनते सुनते माता पार्वती को नींद आ गयी और इसी दौरान गुफा में कबूतर के दो बच्चो ने जनम लिया था और उन्होंने शिवजी से पूरी कथा सुन ली | अब आप सोच रहे होंगे की इन कबूतरों में शिव पार्वती कैसे बसते है तो हम आपको बता दें की जब शिवजी को इस बात का ज्ञान हुआ की अमर होने की कथा कबूतरों ने सुन ली है तब वह उन कबूतरों को मारने के लिए आगे बढे | लेकिन उसी क्षण कबूतरों ने शिवजी से कहा की अगर आपने हमे मार दिया तो अमर होने की कथा झूठी साबित हो जाएगी क्योंकि हम ये कथा सुन चुके है|

जिसके बाद शिवजी ने उन कबूतरों को वरदान दिया की तुम युगों युगों तक इस स्थान पर शिव और पार्वती के प्रतीक बनकर निवास करोगे| अमरनाथ की गुफा में जिस किसी को तुम्हारे दर्शन होंगे उन्हें शिव पार्वती के दर्शन का पुण्य मिलेगा| और तभी से अमरनाथ की गुफा में रहने वाले ये दो कबूतर अमर है |

जी हाँ अगर आप आज भी अमरनाथ जाए तो किस्मत से इन कबूतरों के दर्शन आपको प्राप्त हो सकते है| ये कबूतरों का जोड़ा अजर अमर है | वहाँ के लोग कहते है की आज भी इन दोनों कबूतरों के दर्शन भगतों को प्राप्त होते है और इस तरह से ये गुफा अमर कथा की साक्षी हो गयी और इसका नाम अमरनाथ गुफा के नाम से प्रसिद्ध हो चूका है
फ़िलहाल के लिए इतना ही, ऐसे ही जानकारियों के लिए follow कीजिये
धन्यवाद्


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