दुनिया का कारखाना के रूप में चीन की जगह ले सकता है भारत | India can replace China as the factory of the world
आनंद महिंद्रा ने कंपनी की वार्षिक साधारण सभा में कहा, भारत लंबी छलांग लगाने को तैयार है आज सारे कारकों को एकजुट करने की जरूरत है । हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं, भारत दुनिया के लिए कारखाने के रूप में चीन की जगह लेने में सक्षम होने के करीब है। हम इसका लाभ उठाने के लिए अच्छी स्थिति में हैं। कोरोना के बाद आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान ने भी देश के पक्ष में काम किया है और चीन के साथ तनाव कई निर्माताओं को भारत की ओर धकेल रहा है। साथ ही कई देश मंदी की ओर बढ़ रहे हैं, जबकि भारतीय अर्थव्यवस्था 7% की दर से बढ़ रही है।
क साल पहले के 2,361 करोड़ की तुलना में महिंद्रा एंड महिंद्रा को पहली तिमाही में 3,684 करोड़ का मुनाफा हुआ है। इस साल में यह पहली बार है, जब तेल की कीमतें लगातार छठे हफ्ते बढ़ी हैं। शुक्रवार को यह 85 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई। ब्रेंट की कीमत 43 सेंट बढ़कर 85.57 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई। ऑयल इंडिया केंद्र सरकार की 13वीं कंपनी है जिसे वित्त मंत्रालय ने महारत्न का दर्जा दिया।14वीं कंपनी ओएनजीसी विदेश लि हैं जिसे का दर्जा मिला है।
देश में चीनी का पर्याप्त भंडार
खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने शुक्रवार को जारी एक बयान में कहा कि उसके भंडार में पर्याप्त चीनी है। चीनी से जुड़े शीर्ष औद्योगिक निकाय की ओर से इस साल कम उत्पादन के अनुमानों को केंद्र ने सिरे से नकार दिया है। केंद्रीय खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा ने साफ किया कि अभी किसी भी तरह का पूर्वानुमान उचित नहीं है। केंद्र सरकार ने कहा कि देश में चीनी की खुदरा कीमतें स्थिर हैं, जबकि दुनिया में 50 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है साथ ही मौजूदा जरूरतों को पूरा करने के लिए 62 लाख मीट्रिक टन चीनी ही काफी है। त्योहारी जरूरतों को पूरा करने समेत देश के भंडार में पर्याप्त एक करोड़ आठ लाख मीट्रिक टन चीनी का भंडार है।

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