Delhi pollution: दिल्ली में सांस लेना हुआ मुश्किल, कुछ और दिन स्थिति खराब रहने की चेतावनी
तापमान गिरने और सर्दी बढ़ने के साथ दिल्ली में प्रदूषण 'बहुत खराब' श्रेणी में बना हुआ है। साथ ही ही दिल्ली के कई इलाकों में सोमवार को AQI (वायु गुणवत्ता सूचकांक) गंभीर श्रेणी में पहुंच गया। इसके अलावा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के शहरों में वायु प्रदूषण चिंताजनक स्थिति में बना हुआ है।
तापमान में गिरावट और रात में हवा की गति धीमी होने से शनिवार को दिल्ली में वायु गुणवत्ता खराब से बहुत खराब श्रेणी में पहुंच गई। दिल्ली के लिए केंद्र की वायु गुणवत्ता प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली के अनुसार, राजधानी में हवा की गुणवत्ता कुछ और दिनों तक 'बहुत खराब' रहने की उम्मीद है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, दिल्ली का 24 घंटे का औसत एक्यूआई शाम 4 बजे 347 दर्ज किया गया, जो रविवार को 325, शनिवार को 304 और शुक्रवार को 261 (खराब) से ज्यादा खराब स्थिति में पहुंच गया है। वहीं, गुरुवार को एक्यूआई 256, बुधवार को 243 और मंगलवार को 220 था।
इन इलाकों में स्थिति गंभीर
रोहिणी- 406
वजीरपुर- 416
मुंडका- 414
नोट- 400 से ऊपर एक्यूआई 'गंभीर' क्षेत्र में आता है।
पड़ोसी शहरों गाजियाबाद में एक्यूआई 272, फरीदाबाद में 300, गुरुग्राम में 203, नोएडा में 303 और ग्रेटर नोएडा में 336 था।
AQI से वायु प्रदूषण का चलता है पता
वायु गुणवत्ता सूचकांक (Air Quality Index) एक नंबर होता है जिसके जरिए हवा की गुणवत्ता को आंका जाता है। इससे वायु में मौजूद प्रदूषण के स्तर का भी पता लगाया जाता है। एक्यूआई की रीडिंग के आधार पर हवा की गुणवत्ता को छह कैटेगरी में बांटा गया है। शून्य से 50 के बीच AQI अच्छा, 51 और 100 संतोषजनक, 101 और 200 मध्यम, 201 और 300 खराब, 301 और 400 बहुत खराब, और 401 और 500 के बीच AQI को गंभीर माना जाता है।
दिल्ली में इस बार अक्टूबर महीने में वायु गुणवत्ता पिछले दो वर्षों की तुलना में सबसे ज्यादा खराब रही है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार, इसका सबसे बड़ा कारण कम बारिश होने बताया जा रहा है।
अब वाहनों से निकलने वाला धुआं बढ़ा रहा प्रदूषण
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने बताया कि पंजाब में पराली जलाने की घटनाएं कम हुई हैं, लेकिन वाहनों से निकलने वाले धुएं ने प्रदूषण को बढ़ाया है। उन्होंने केंद्र सरकार से हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) क्षेत्रों में खराब गुणवत्ता वाले डीजल से चलने वाली बसों पर प्रतिबंध लगाने की मांग की।
दिल्ली में इन वाहनों का प्रवेश बंद
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने रविवार को कहा कि एक नवंबर से दिल्ली में सिर्फ इलेक्ट्रिक, सीएनजी एवं भारत स्टेज (बीएस)-6 बसें ही एंट्री ले सकेंगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के एनसीआर क्षेत्रों में संचालित होने वाली बीएस-3 और बीएस-4 बसों का दिल्ली में प्रवेश प्रतिबंधित करे। एक नवंबर से सभी एंट्री प्वाइंट पर परिवहन विभाग द्वारा एक चेकिंग अभियान भी चलाया जाएगा।

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