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बिना सोचे-समझे खाने की आदत से हो सकते है कई रोग और नुकसान, जानिए कैसे | The habit of eating without thinking can cause many diseases and losses, know how

बिना सोचे-समझे खाने की आदत से हो सकते है कई रोग और नुकसान, जानिए कैसे | The habit of eating without thinking can cause many diseases and losses, know how


बिना सोचे-समझे खाने की आदत से हो सकते है कई रोग और नुकसान, जानिए कैसे | The habit of eating without thinking can cause many diseases and losses, know how



स्ट्रेस ईटिंग


हम समझ सकते है की तनावपूर्ण व व्यस्त दिन गुजरने के बाद आपको कुछ मीठा या जंक फूड खाने का दिल करता है। और आप अकेले नहीं हैं बहुत से लोग हैं जिन्हें मीठा या जंक फूड खाने का दिल करता है ऐसे लोगों की लिस्ट काफी लंबी है, जो ओवर ईटिंग कर रहे हैं। मनोविज्ञान की भाषा हम इसे स्ट्रेस ईटिंग कहते हैं। कई लोग अपनी परेशानियाें को भूलने या कम करने के लिए जाने अनजाने ओवर ईटिंग कर लेते हैं, और फिर यही मोटापे  के साथ - साथ अपच, मेटाबॉलिज्म कमजोर करने जैसी कई बीमारियां का कारण बन जाता हैं।लोग तनाव कम करने के लिए गाना सुनते हैं, वॉक पर जाते हैं या टीवी देखते हैं। लेकिन अमेरिका की हॉवर्ड यूनिवर्सिटी का एक अध्ययन बताता है कि महिलाएं तनाव में ज्यादातर खाने का रास्ता चुनती हैं।



स्ट्रेस ईटिंग के कारण व प्रभाव 



लंबे समय तक दिमाग में तनाव बने रहने से शरीर के अंदर कॉर्टिसोल नाम का हार्मोन अधिक तेजी से रिलीज होने लगता है, ये हार्मोन हमारे दिमाग में एक इमरजेंसी सिगनल देता हैं की आपको एनर्जी की जरूरत हैं इसलिए आप अधिक खाना खा लेते हैं खासकर मीठी चीज़े। हम कह सकते हैं कि भोजन के साथ हमारा मनोवैज्ञानिक संबंध भी होता है। इस दौरान खाने पर नियंत्रण नहीं होता। खाने के साथ तनाव का भावनात्मक संबंध हो गया। तनाव की वजह से आप खाने पर ध्यान देते हैं नहीं देखते कि आप क्या खा रहे हैं, वह हेल्दी है, या अन हेल्थी है।हमारी भूख दो प्रकार की होती है एक जो हमारे पेट से संबंधित है और दूसरी जो हमारे भावनाओं से संबंधित है पेट से जुड़ी भूख तो मिट जाती है पर भावनाओं से जुड़ी भूख जल्दी नहीं मिटती इसीलिए पेट भरने के बाद भी हम खाते रहते हैं। क्योंकि हमारा पेट तो भर जाता है पर मन नहीं भरता।


 कैसे बचे स्ट्रेस ईटिंग से 


खाने से पहले सोचें कि क्या आपको सच में भूख लगी है या बस मन को ठीक करने के लिए खाने जा रहे हैं। आप जो कुछ भी पूरा दिन में खाएं उसे डायरी में लिख ले। फिर देखें कि आपने जो पूरा दिन खाया है उससे आपके शरीर को कुछ फायदा है या नहीं। हेल्दी और अनहेल्दी खाने की सूची बनाएं। अनहेल्दी चीजों की जगह फल-सब्जी, ड्राई फ्रूट्स, नेचुरल फूड्स खाए ।आपको सुबह शाम मेडिटेशन, एक्सरसाइज और योगासन भी करते रहना चाहिए ताकि आपका तनाव और मोटापा दोनों कम हो साथ ही आपकी पाचन शक्ति भी बढ़ेगी और  हार्मोन्स संतुलित रहेंगे आप भोजन पर अधिक ध्यान नहीं देंगे। अपने दिनचर्या में सुधार करें और एक हेल्थी रूटीन अपनाएं।

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