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रूस और भारत की इस टिप्पणी से पुतिन को लेकर बढ़ी दुविधा | Due to this comment of Russia and India, the confusion about Putin increased

रूस और भारत की इस टिप्पणी से पुतिन को लेकर बढ़ी दुविधा | Due to this comment of Russia and India, the confusion about Putin increased


रूस और भारत की इस टिप्पणी से पुतिन को लेकर बढ़ी दुविधा


रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के ब्रिक्स सम्मेलन में अगले महीने दक्षिण अफ्रीका न जाने के फ़ैसले के बाद उनका भारत आना भी संदिग्ध हो गया है। पुतिन को सितंबर महीने में जी-20 सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए भारत आना है। दक्षिण अफ्रीका के एक शीर्ष राजनयिक का कहना है कि पुतिन ब्रिक्स सम्मेलन को ‘ख़तरे’ में नहीं डालना चाहते हैं, इसलिए नहीं आ रहे हैं। चूंकि पुतिन के ख़िलाफ़ इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट में वॉरंट जारी किया गया है। इसलिए अगर वो दक्षिण अफ्रीका जाते हैं, तो वहां उनकी गिरफ़्तारी हो सकती है दक्षिण अफ्रीका इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट का सदस्य है, इसलिए उसे पुतिन की गिरफ़्तारी के क़दम उठाने पड़ सकते हैं।


दक्षिण अफ्रीका के लिए ये एक बड़ी कूटनीतिक और क़ानूनी दुविधा हो सकती है। पुतिन के जी-20 सम्मेलन में नई दिल्ली न आने की आशंका तभी से जताई जा रही थी। जब इस महीने की शुरुआत में भारत ने एससीओ की बैठक वर्चुअली की थी। सुकलाल ने जोहानिसबर्ग में पत्रकारों से कहा,‘’ राष्ट्रपति पुतिन दक्षिण अफ्रीका की दुविधा समझते हैं। इसलिए वो ब्रिक्स सम्मेलन को ख़तरे में नहीं डालना चाहते दक्षिण अफ्रीका इस साल ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है। ब्राजील, रूस, भारत और दक्षिण अफ्रीका के संगठन ब्रिक्स को पश्चिमी देशों के आर्थिक दबदबे को चुनौती देने के लिए खड़ा किया गया था। 2001 में गोल्डमैन सैक्श के अर्थशास्त्री जिम ओ नील इन देशों को ब्रिक्स नाम दिया था। उन्होंने कहा था कि 2050 तक पूरी दुनिया में इन देशों की अर्थव्यवस्थाओं का वर्चस्व होगा।


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