Header Ads Widget

आज का वैदिक पंचांग | Aaj ka Vedic Panchang

आज का वैदिक पंचांग | Aaj ka Vedic Panchang


आज का वैदिक पंचांग | Aaj ka Vedic Panchang

दिनांक - 03 अगस्त 2023

दिन - गुरूवार

विक्रम संवत - 2080 

शक संवत -1945

अयन - दक्षिणायन

ऋतु - वर्षा ॠतु 

मास - अधिक श्रावण

पक्ष - कृष्ण 

तिथि - द्वितीया शाम 04:16 तक तत्पश्चात तृतीया

नक्षत्र - धनिष्ठा सुबह 09:56 तक तत्पश्चात शतभिषा

योग - सौभाग्य सुबह 10:18 तक तत्पश्चात शोभन

राहुकाल - दोपहर  02:23 से शाम 04:01

सूर्योदय-06:14

सूर्यास्त- 19:15

दिशाशूल- दक्षिण दिशा में


व्रत पर्व विवरण -


विशेष-  द्वितीया को बृहती (छोटा  बैगन या कटेहरी) खाना निषिद्ध है।अधिक मास मे गणेशजी के नामो का जप करने से कष्ट होंगे दूर |विघ्नों और मुसीबते दूर करने के लिए 04 अगस्त 2023 शुक्रवार को संकष्ट चतुर्थी (चन्द्रोदय रात्रि 09:36) शिव पुराण में आता हैं कि हर महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी ( पूनम के बाद की ) के दिन सुबह में गणपतिजी का पूजन करें और रात को चन्द्रमा में गणपतिजी की भावना करके अर्घ्य दें और ये मंत्र बोलें :

ॐ गं गणपते नमः ।

ॐ सोमाय नमः ।

         

चतुर्थी‬ तिथि विशेष 


चतुर्थी तिथि के स्वामी ‪भगवान गणेश‬जी हैं।

हिन्दू कैलेण्डर में प्रत्येक मास में दो चतुर्थी होती हैं। 

पूर्णिमा के बाद आने वाली कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्ट चतुर्थी कहते हैं।अमावस्या के बाद आने वाली शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी कहते हैं।

शिवपुराण के अनुसार “महागणपतेः पूजा चतुर्थ्यां कृष्णपक्षके। पक्षपापक्षयकरी पक्षभोगफलप्रदा ॥

अर्थात प्रत्येक मास के कृष्णपक्ष की चतुर्थी तिथि को की हुई महागणपति की पूजा एक पक्ष के पापों का नाश करनेवाली और एक पक्षतक उत्तम भोगरूपी फल देनेवाली होती है ।

     

कोई कष्ट हो तो 


हमारे जीवन में बहुत समस्याएँ आती रहती हैं, मिटती नहीं हैं ।, कभी कोई कष्ट, कभी कोई समस्या | ऐसे लोग शिवपुराण में बताया हुआ एक प्रयोग कर सकते हैं कि, कृष्ण पक्ष की चतुर्थी (मतलब पुर्णिमा के बाद की चतुर्थी ) आती है | उस दिन सुबह छः मंत्र बोलते हुये गणपतिजी को प्रणाम करें कि हमारे घर में ये बार-बार कष्ट और समस्याएं आ रही हैं वो नष्ट हों |


 छः मंत्र इस प्रकार हैं –


ॐ सुमुखाय नम: : सुंदर मुख वाले; हमारे मुख पर भी सच्ची भक्ति प्रदान सुंदरता रहे ।

ॐ दुर्मुखाय नम: : मतलब भक्त को जब कोई आसुरी प्रवृत्ति वाला सताता है तो… भैरव देख दुष्ट घबराये ।

ॐ मोदाय नम: : मुदित रहने वाले, प्रसन्न रहने वाले । उनका सुमिरन करने वाले भी प्रसन्न हो जायें ।

ॐ प्रमोदाय नम: : प्रमोदाय; दूसरों को भी आनंदित करते हैं । भक्त भी प्रमोदी होता है और अभक्त प्रमादी होता है, आलसी । आलसी आदमी को लक्ष्मी छोड़ कर चली जाती है । और  जो प्रमादी न हो, लक्ष्मी स्थायी होती है ।

ॐ अविघ्नाय नम:

ॐ विघ्नकरत्र्येय नम: 


पंचक प्रारंभ : बुधवार, 02 अगस्त 2023 पूर्वाह्न 11:26 बजे


पंचक समाप्त: सोमवार, 07 अगस्त 2023 पूर्वाह्न 01:43 बजे


जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं बधाई और शुभ आशीष



अंक ज्योतिष के अनुसार आपका मूलांक 3 आता है। यह बृहस्पति का प्रतिनिधि अंक है। ऐसे व्यक्ति निष्कपट, दयालु एवं उच्च तार्किक क्षमता वाले होते हैं। आप दार्शनिक स्वभाव के होने के बावजूद एक विशेष प्रकार की स्फूर्ति रखते हैं। आपकी शिक्षा के क्षेत्र में पकड़ मजबूत होगी।


आप एक सामाजिक प्राणी हैं। आप सदैव परिपूर्णता या कहें कि परफेक्शन की तलाश में रहते हैं यही वजह है कि अकसर अव्यवस्थाओं के कारण तनाव में रहते हैं। अनुशासनप्रिय होने के कारण कभी-कभी आप तानाशाह भी बन जाते हैं।


 शुभ दिनांक : 3, 12, 21, 30

 

शुभ अंक : 1, 3, 6,7, 9,


 शुभ वर्ष : 2028, 2030, 2031, 2034, 2043, 2049, 2052

 

ईष्टदेव : देवी सरस्वती, देवगुरु बृहस्पति, भगवान विष्णु


 शुभ रंग : पीला, सुनहरा और गुलाबी

 

कैसा रहेगा यह वर्ष


घर या परिवार में शुभ कार्य होंगे। मित्र वर्ग का सहयोग सुखद रहेगा। शत्रु वर्ग प्रभावहीन होंगे। महत्वपूर्ण कार्य से यात्रा के योग भी है। वर्ष आपके लिए अत्यंत सुखद है। किसी विशेष परीक्षा में सफलता मिल सकती है। नौकरी पेशा के लिए प्रतिभा के बल पर उत्तम सफलता का है। नवीन व्यापार की योजना भी बन सकती है। दांपत्य जीवन में सुखद स्थिति रहेगी








एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ