Header Ads Widget

आज का वैदिक पंचांग | Aaj Ka Panchang

आज का वैदिक पंचांग | Aaj Ka Panchang


आज का वैदिक पंचांग | Aaj Ka Panchang

दिनांक - 04 अगस्त 2023


दिन - शुक्रवार


रोज हिन्दू पंचांग ग्रुप आप भी जुड़े रोज मिलेगा आपको आपके जीवन का हाल


विक्रम संवत - 2080 


शक संवत -1945


अयन - दक्षिणायन


ऋतु - वर्षा ॠतु 


मास - अधिक श्रावण


पक्ष - कृष्ण 


तिथि - तृतीया दोपहर 12:45 तक तत्पश्चात चतुर्थी


नक्षत्र - शतभिषा सुबह 07:08 तक तत्पश्चात पूर्वभाद्रपद


योग - शोभन सुबह 06:14  तक तत्पश्चात अतिगण्ड


राहुकाल - सुबह 11:07 से दोपहर 12:45 तक


सूर्योदय-06:14


सूर्यास्त- 19:14


दिशाशूल- पश्चिम दिशा में


व्रत पर्व विवरण - संकष्ट चतुर्थी 


विशेष-  *तृतीया को पर्वल खाना शत्रुओं की वृद्धि करने वाला है। 

            

दमा में 

 

आधा ग्राम दालचीनी का चूर्ण शहद या गुड के साथ दिन में १ या २ बार लें | लगातार ३ महीने तक लेने से लाभ होता है |


वास्तु शास्त्र 


देवी-देवताओं की ऐसी मूर्ति या चित्र

देवी-देवताओं की फटी हुई और पुरानी तस्वीरों या खंडित मूर्तियों से भी आर्थिक हानि होती है। उन्हें किसी नदी में प्रवाहित कर देना चाहिए। इसके अलावा एक ही देवी या देवता की 3-3 मूर्तियां या तस्वीर होने पर वास्तुदोष होता है।

            


दिमाग कमजोर या पागलपन हो तो 


दिमाग कमजोर है  अथवा अकेले में मानसिक कल्पनाओ से पागलपन का अंश आ गया है  अथवा आलस्य है, चिडचिडा स्वभाव है | ये सब मस्तिष्क.., दिमाग की कमजोरी है,  तो ऐसे लोगो को क्या करना चाहिए?

पहली ऊँगली अंगूठे के साथ यूँ मिला दें | ३ ऊँगली सीधी और शवासन में सीधा सो जाये | जीभ थोड़ी बाहर रखे तो बड़े-बड़े इंजेक्शन और दिमाग के जानकर.., स्पेशलिस्ट.. उनसे इतना लाभ नही होगा, जितना ये ज्ञान मुद्रा से हो जायेगा |

चिड़चिड़ापन कंट्रोल | दिमागी.., थोडा पागलपन की शुरुवात हो तो वो कंट्रोल | आलस्य कंट्रोल.., क्रोध कंट्रोल | सुमिरन शक्ति की कमजोरी कंट्रोल और एकाग्रता बढ़ेगी, चंचलता नियंत्रित हो जायेगी | स्नायु में शक्ति बढ़ेगी | लेकिन इसके साथ ममरी बादाम की औषध खा ले तो आये-हाय! कहना ही क्या ||


पंचक प्रारंभ : बुधवार, 02 अगस्त 2023 पूर्वाह्न 11:26 बजे


पंचक समाप्त: सोमवार, 07 अगस्त 2023 पूर्वाह्न 01:43 बजे



जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं बधाई और शुभ आशीष


दिनांक 4 को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 4 होगा। ऐसे व्यक्ति को जीवन में अनेक परिवर्तनों का सामना करना पड़ता है। जैसे तेज स्पीड से आती गाड़ी को अचानक ब्रेक लग जाए ऐसा उनका भाग्य होगा। लेकिन यह भी निश्चित है कि इस अंक वाले अधिकांश लोग कुलदीपक होते हैं।


इस अंक से प्रभावित व्यक्ति जिद्दी, कुशाग्र बुद्धि वाले, साहसी होते हैं। आपका जीवन संघर्षशील होता है। इनमें अभिमान भी होता है। ये लोग दिल के कोमल होते हैं किन्तु बाहर से कठोर दिखाई पड़ते हैं। इनकी नेतृत्त्व क्षमता के लोग कायल होते हैं।


शुभ दिनांक : 4, 8, 13, 22, 26, 31

 

शुभ अंक : 4, 8,18, 22, 45, 57

 

शुभ वर्ष : 2031, 2040, 2060

 

ईष्टदेव : श्री गणेश, श्री हनुमान

 

शुभ रंग : नीला, काला, भूरा

 

कैसा रहेगा यह वर्ष


मान-सम्मान में वृद्धि होगी, वहीं मित्र वर्ग का सहयोग मिलेगा। नवीन व्यापार की योजना प्रभावी होने तक गुप्त ही रखें। शत्रु पक्ष पर प्रभावपूर्ण सफलता मिलेगी। नौकरीपेशा प्रयास करें तो उन्नति के चांस भी है। यह वर्ष पिछले वर्ष के दुष्प्रभावों को दूर करने में सक्षम है। आपको सजग रहकर कार्य करना होगा। परिवारिक मामलों में सहयोग के द्वारा सफलता मिलेगी। विवाह के मामलों में आश्चर्यजनक परिणाम आ सकते हैं।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ