Target Killing: 24 घंटे के भीतर दूसरा आतंकी हमला, पुलवामा में UP के श्रमिक की गोली मारकर हत्या
कश्मीर घाटी में दहशतगर्दों ने एक बार फिर लक्षित हत्या को अंजाम देते हुए पुलवामा जिले में उत्तर प्रदेश के श्रमिक की गोली मारकर हत्या कर दी। 24 घंटे के भीतर आतंकियों ने यह दूसरा हमला किया है। इससे पहले रविवार को श्रीनगर के भीड़भाड़ वाले ईदगाह मैदान में लश्कर आतंकी ने पिस्तौल से क्रिकेट खेल रहे पुलिस इंस्पेक्टर मसरूर अहमद वानी को गोली मारकर घायल कर दिया था। आतंकियों की बढ़ती सक्रियता के मद्देनजर कश्मीर के सभी जिलों में अलर्ट कर दिया गया है। विशेष नाके लगाकर वाहनों तथा पैदल आने जाने वालों की तलाशी ली जा रही है। पुलिस के अनुसार हमले में लश्कर-ए-ताइबा के दो आतंकी शामिल रहे हैं। इनमें से एक पुलवामा का रईस डार है।
मारे गए श्रमिक की शिनाख्त मुकेश कुमार पुत्र गंगा प्रसाद निवासी भटपुरा समाधा, उन्नाव (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। बताते हैं कि मुकेश पुलवामा के तुमची नौपोरा इलाके में ईंट-भट्ठे पर अन्य साथियों के साथ काम करता था। सोमवार को दोपहर बाद वह दुकान पर कोई सामान लाने गया तभी आतंकियों ने उसकी गोली मारकर हत्या कर दी। उसके साथ काम करने वाले अन्य श्रमिकों ने बताया कि सभी सुबह से एक साथ काम कर रहे थे।
मुकेश दुकान पर सामान लाने गया था। उसका हम सब इंतजार कर रहे थे तभी गोली चलने की आवाज सुनाई दी। काफी देर तक नहीं लौटे मुकेश को लेकर सभी परेशान थे। तभी पता चला कि वह सेब के बगीचे में घायल अवस्था में पड़ा है। घटना की सूचना पाकर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। घायलावस्था में उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसने दम तोड़ दिया।
घटना के बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जानकारी हासिल की। इसके बाद पूरे इलाके को घेरकर तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया ताकि हमले में शामिल आतंकियों को खोज निकाला जाए। कई टीमों का गठन कर अलग-अलग स्थानों पर दबिश दी जा रही है।
जम्मू कश्मीर पुलिस के डीजीपी दिलबाग सिंह ने दोनों हमलों की निंदा की है। उन्होंने कहा कि कुछ तत्व हैं जिन्हें प्रदेश की शांति से परेशानी होती है। श्रीनगर में पुलिस इंस्पेक्टर तो पुलवामा में एक गरीब परिवार के बेटे को आतंकियों ने हमला किया। वह प्रवासी मजदूर महज काम करने के लिए कश्मीर आया था। एडजीपी कश्मीर विजय कुमार व अन्य पुलिस अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं। आतंकियों को बख्शा नहीं जाएगा। ये बातें डीजीपी ने अनंतनाग के मट्टन में मॉडल पुलिस थाने के उद्घाटन के दौरान कहीं।
श्रीनगर। उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने पुलवामा में आतंकवादी हमले में श्रमिक के मारे जाने की घटना पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश निवासी निर्दोष नागरिक मुकेश कुमार के हत्यारों को बख्शा नहीं जाएगा। मैं पुलवामा में घृणित और कायरतापूर्ण आतंकी हमले की कड़ी निंदा करता हूं। मुकेश कुमार के परिवार के प्रति हार्दिक संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। हम आतंकवाद के खतरे को खत्म करने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं, जिसे सीमा पार से लगातार प्रोत्साहन और मजबूती मिल रही है।
दक्षिण कश्मीर में प्रवासी मजदूर की हत्या व पुलिस इंस्पेक्टर पर हमले की विभिन्न राजनीतिक दलों ने निंदा की है। पीपुल्स कांफ्रेंस के अध्यक्ष सज्जाद लोन ने निंदा करते हुए कहा कि हिंसा का दौर दोबारा लौट आया है। पुलिस अफसर तथा श्रमिक पर हमला कायरतापूर्ण है। अपनी पार्टी अध्यक्ष अल्ताफ बुखारी ने कहा कि प्रवासी मजदूर की हत्या से दुखी हूं। इस प्रकार की हत्या से किसी को कुछ मिलने वाला नहीं है। उम्मीद है कि प्रशासन आरोपियों को गिरफ्तार कर इस करतूत की कड़ी सजा देगा।
पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती की मीडिया सलाहकार इल्तिजा मुफ्ती ने एक्स पर लिखा कि पुलिस इंस्पेक्टर मसरूर अहमद जिंदगी व मौत से जूझ रहे हैं। इस प्रकार के बर्बरतापूर्ण हमले की निंदा के लिए कोई शब्द नहीं हैं। आखिर कब हिंसा का यह दुष्चक्र थमेगा। इस बात की कल्पना नहीं की जा सकती कि उसके परिवार वाले क्या महसूस कर रहे होंगे।
रविवार को श्रीनगर शहर के ईदगाह इलाके में रविवार की शाम एक आतंकी ने क्रिकेट खेल रहे एक पुलिस इंस्पेक्टर को काफी करीब से निशाना बनाते हुए एक के बाद एक, तीन गोलियां मार दीं। हमले में पुलिस इंस्पेक्टर गंभीर रूप से घायल हो गया। उन्हें सौरा अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां उसका इलाज चल रहा है। उनकी पहचान मसरूर अहमद वानी के रूप में हुई है। माना जा रहा है कि हमले में पिस्तौल का इस्तेमाल किया गया है।
सुरक्षाबलों ने दिनदहाड़े हुए हमले के बाद पूरे इलाके को घेरकर तलाशी अभियान शुरू किया है। घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। हमले की जिम्मेदारी द रजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) ने ली है। हमले में हाइब्रिड आतंकी के शामिल होने का अंदेशा है।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि येचिपोरा ईदगाह के रहने वाले इंस्पेक्टर मसरूर अहमद स्थानीय युवाओं के साथ ईदगाह मैदान में क्रिकेट खेल रहे थे। इसी दौरान एक आतंकी मैदान में घुस आया। आतंकी ने काफी नजदीक से आंख, पेट और हाथ में तीन गोलियां मारीं। गोली लगते ही इंस्पेक्टर गिर पड़े। वानी के साथी आतंकी को पकड़ने के लिए भागे परंतु हमलावर हवा में गोलियां चलाता हुआ भाग निकला।
फायरिंग की आवाज सुन मच गई अफरातफरी
इस बीच फायरिंग की आवाज सुनकर मैदान में अफरातफरी मच गई। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने अन्य लोगों की मदद से घायल इंस्पेक्टर को अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका ऑपरेशन चल रहा है। वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी हासिल की। इन दिनों मसरूर अमहद की तैनाती पुलिस लाइन में है।

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