Maratha Reservation: हिंसक हुआ मराठा आरक्षण, प्रदर्शनकारियों ने विधायकों-पूर्व मंत्री का घर फूंका
मराठा आरक्षण को लेकर चल रहा आंदोलन सोमवार को हिंसक होता दिखाई दिया। दो विधायकों के घरों और कार्यालयों पर तोड़फोड़ की गई। नगर निगम की एक इमारत को आग लगाने का प्रयास किया गया। आरक्षण के समर्थन में एक भाजपा विधायक और शिवसेना शिंदे गुट के एक सांसद ने त्यागपत्र देने की घोषणा भी की है।
विधायकों के घर फूंके
छत्रपति संभाजी महाराज नगर के गंगापुर में भाजपा विधायक प्रशांत बंब के कार्यालय में आंदोलनकारियों ने जमकर तोड़फोड़ की और एक अन्य विधायक प्रकाश सोलंके के घर पर पथराव किया और आग लगा जी। इसके बाद बीड के माजलगांव नगर निगम की इमारत की पहली मंजिल में आग लगा दी। इस आगजनी में नगर निगम के फर्नीचर को नुकसान पहुंचा है, जिस जालना जिले के अंतरवाली सराटी गांव में मनोज जरांगे पाटिल का अनशन चल रहा है, वहां के नगर मुख्यालय स्थित सभी सरकारी कार्यालयों में मराठा आंदोलनकारियों ने ताले लगा दिए।
आदोलनकारियों ने सोमवार शाम एनसीपी के एक और विधायक के आवास पर आग लगा दी। बीड में एनसीपी विधायक संदीप क्षीरसागर के आवास पर आग लगा दी। इसके बाद पूर्व मंत्री जय क्षीरसागर का घर भी फूंक दिया। बीड में एनसीपी के दफ्तर में भी आगजनी की खबर है। बीड के कुछ हिस्से में धारा 144 लगाई गई है।
सीएम की सभा में भी हंगामा
हंगामे का सिलसिला यवतमाल में आयोजित मुख्यमंत्री के एक कार्यक्रम में भी जारी रहा। यहां मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे 'शासन आपके द्वार' कार्यक्रम में भाग लेने पहुंचे थे। वहां उनकी सभा में शिवसेना उद्धव गुट के समर्थकों ने हंगामा करने की कोशिश की, जिन्हें शांत करने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।
विधायक, सांसद का इस्तीफे का एलान
राज्य में मराठा आरक्षण के कारण अशांति की आशंका को देखते हुए कई स्थानों पर राज्य परिवहन की बसों का आवागमन रोक दिया गया है। इसी बीच, परभणी से सांसद हेमंत पाटिल एवं भाजपा विधायक लक्ष्मण पवार ने मराठा आरक्षण के लिए चल रहे आंदोलन के समर्थन में अपने पद से त्यागपत्र देने की घोषणा की है। लक्ष्मण पवार बीड के गेवराई विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार हैं।
नेताओं-मंत्रियों के दौरे रद्द
आंदोलनकारियों ने अनेक क्षेत्रों में नेताओं के आवागमन पर भी रोक लगा रखी है। इसके कारण कई मंत्रियों-नेताओं को क्षेत्रों में अपने दौरे रद करने पड़े हैं। मराठा आरक्षण के समर्थन में विधायक रत्नाकर गुट्टे ने सोमवार को एक दिन का अनशन किया तो विधायक माणिकराव कोकाटे ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मराठा आरक्षण के मुद्दे पर विधानमंडल का विशेष सत्र बुलाने की मांग की है। 25 अक्टूबर से अनशन पर बैठे मनोज जरांगे पाटिल ने चेतावनी दी है कि वह एक नवंबर से अपना आंदोलन और तेज करेंगे और संपूर्ण मराठा समाज को आरक्षण मिले बिना अपना अनशन खत्म नहीं करेंगे।
तीन सेवानिवृत्त जजों की समिति बनाएगी सरकार: शिंदे
मराठा आरक्षण पर बनी मंत्रिमंडलीय उपसमिति की बैठक में भाग लेने के बाद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा है कि फडणवीस सरकार द्वारा लागू किए गए मराठा आरक्षण को सुप्रीम कोर्ट द्वारा रद्द कर दिया गया था। राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में इस संबंध में एक क्यूरेटिव याचिका दायर कर रखा है। अब राज्य सरकार तीन जजों की एक विशेषज्ञ समिति बनाएगी। यह समिति सरकार को सलाह देगी कि सुप्रीम कोर्ट में मराठा आरक्षण के मुद्दे पर किस तरह आगे बढ़ा जाए।
11,530 कुनबी मराठा परिवारों की पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा कि सितंबर माह में बनाई गई न्यायमूर्ति संदीप शिंदे समिति ने अब तक एक करोड़, 72 लाख दस्तावेजों की छानबीन कर मराठवाड़ा क्षेत्र के 11,530 कुनबी मराठा परिवारों की पहचान की है। आगे की छानबीन के लिए समिति ने सरकार से समयावधि बढ़ाने की मांग की है। मंगलवार को मंत्रिमंडल की बैठक में इसे मंजूरी दे दी जाएगी। शिंदे के अनुसार, समिति ने मराठा कुनबी के रूप में जिन परिवारों की पहचान की है, उन्हें प्रमाणपत्र देने का काम मंगलवार से शुरू कर दिया जाएगा। अनशन पर बैठे मनोज जरांगे पाटिल के बिगड़ते स्वास्थ्य पर चिंता जताते हुए मराठा युवकों से हिंसा का मार्ग न अपनाने की अपील की है।

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