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आज का वैदिक पंचांग | Aaj Ka Vedic Panchang

आज का वैदिक पंचांग | Aaj Ka Vedic Panchang


आज का वैदिक पंचांग | Aaj Ka Vedic Panchang


🌤️
दिन - रविवार

🌤️ विक्रम संवत - 2080झ (गुजरात - 2079)

🌤️ शक संवत -1945

🌤️ अयन - दक्षिणायन

🌤️ ऋतु - शरद ॠतु 

🌤️ मास - आश्विन (गुजरात एवं महाराष्ट्र अनुसार भाद्रपद)

🌤️ पक्ष - कृष्ण 

🌤️ तिथि - द्वितीया सुबह 09:41 तक तत्पश्चात तृतीया

🌤️ नक्षत्र - अश्विनी शाम 07:27 तक तत्पश्चात भरणी

🌤️ योग - व्याघात दोपहर 01:14 तक तत्पश्चात हर्षण

🌤️ राहुकाल - शाम 04:57 से शाम 06:27 तक

🌞 सूर्योदय-06:30

🌤️ सूर्यास्त- 18:25

👉 दिशाशूल- पश्चिम दिशा में

🚩 व्रत पर्व विवरण - तृतीया का श्राद्ध


 विशेष - *तृतीया को पर्वल खाना शत्रुओं की वृद्धि करने वाला है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)



🌷 विघ्नों और मुसीबते दूर करने के लिए 🌷

 02 अक्तूबर 2023 सोमवार को संकष्ट चतुर्थी (चन्द्रोदय रात्रि 08:35)  

 शिव पुराण में आता हैं कि हर महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी ( पूनम के बाद की ) के दिन सुबह में गणपतिजी का पूजन करें और रात को चन्द्रमा में गणपतिजी की भावना करके अर्घ्य दें और ये मंत्र बोलें :


 ॐ गं गणपते नमः ।

 ॐ सोमाय नमः ।


🌷 श्राद्ध विशेष 🌷

 पूर्वजों को पितर पक्ष में इस मंत्र के द्वारा सूर्य भगवान को अर्ध्य देने से यमराज प्रसन्न होकर पूर्वजों को अच्छी   जगह भेज देते हैं ।

 ॐ धर्मराजाय नमः ।

 ॐ महाकालाय नमः ।

🌷 ॐ म्रर्त्युमा नमः ।

 ॐ दानवैन्द्र नमः ।

 ॐ अनन्ताय नमः ।

          

🌷 पितृ पक्ष 🌷

 धर्म ग्रंथों के अनुसार, विधि-विधान पूर्वक श्राद्ध करने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है। वर्तमान समय में देखा जाए तो विधिपूर्वक श्राद्ध कर्म करने में धन की आवश्यकता होती है। पैसा न होने पर विधिपूर्वक श्राद्ध नहीं किया जा सकता। ऐसे में पितृ दोष होने से कई प्रकार की समस्याएं जीवन में बनी रहती हैं। पुराणों के अनुसार, ऐसी स्थिति में पितरों के प्रति श्रद्धा व्यक्त कर कुछ साधारण उपाय करने से भी पितर तृप्त हो जाते हैं।

  न कर पाएं श्राद्ध तो करें इनमें से कोई 1 उपाय, नहीं होगा पितृ दोष

 जिस स्थान पर आप पीने का पानी रखते हैं, वहां रोज शाम को शुद्ध घी का दीपक लगाएं। इससे पितरों की कृपा आप पर हमेशा बनी रहेगी। इस बात का ध्यान रखें कि वहां जूठे बर्तन कभी न रखें।

 सर्व पितृ अमावस्या के दिन चावल के आटे के 5 पिंड बनाएं व इसे लाल कपड़े में लपेटकर नदी में बहा दें।

 गाय के गोबर से बने कंडे को जलाकर उस पर गूगल के साथ घी, जौ, तिल व चावल मिलाकर घर में धूप करें।

 विष्णु भगवान के किसी मंदिर में सफेद तिल के साथ कुछ दक्षिणा (रुपए) भी दान करें।

 कच्चे दूध, जौ, तिल व चावल मिलाकर नदी में बहा दें। ये उपाय सूर्योदय के समय करें तो अच्छा रहेगा।

 श्राद्ध में ब्राह्मण को भोजन कराएं या सामग्री जिसमें आटा, फल, गुड़, सब्जी और दक्षिणा दान करें।

 श्राद्ध नहीं कर सकते तो किसी नदी में काले तिल डालकर तर्पण करें। इससे भी पितृ दोष में कमी आती है।

 श्राद्ध पक्ष में किसी विद्वान ब्राह्मण को एक मुट्ठी काले तिल दान करने से पितृ प्रसन्न हो जाते हैं।

 श्राद्ध पक्ष में पितरों को याद कर गाय को हरा चारा खिला दें। इससे भी पितृ प्रसन्न व तृप्त हो जाते हैं।

 सूर्यदेव को अर्ध्य देकर प्रार्थना करें कि आप मेरे पितरों को श्राद्धयुक्त प्रणाम पहुँचाए और उन्हें तृप्त करें।


पंचक प्रारंभ : मंगलवार, 26 सितंबर 2023 अपराह्न 08:28 बजे

पंचक समाप्त : शनिवार, 30 सितंबर 2023 को रात 09:08 बजे


एकादशी तिथि

 अक्टूबर में

कृष्ण पक्ष एकादशी (इंदिरा एकादशी, अश्विना, कृष्ण एकादशी)

मंगलवार, 10 अक्टूबर 2023

09 अक्टूबर 2023 दोपहर 12:37 बजे - 10 अक्टूबर 2023 दोपहर 03:09 बजे


जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं बधाई और शुभ आशीष


दिनांक 1 को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 1 होगा। आपका मूलांक सूर्य ग्रह के द्वारा संचालित होता है। आप अत्यंत महत्वाकांक्षी हैं। आपकी मानसिक शक्ति प्रबल है। आपको समझ पाना बेहद मुश्किल है। आप आशावादी होने के कारण हर स्थिति का सामना करने में सक्षम होते हैं। आप सौन्दर्यप्रेमी हैं। आपमें सबसे ज्यादा प्रभावित करने वाला आपका आत्मविश्वास है। इसकी वजह से आप सहज ही महफिलों में छा जाते हैं। आप शाही प्रवृत्ति के हैं। आपको किसी और का शासन पसंद नहीं है। आप साहसी और जिज्ञासु हैं।

 

शुभ दिनांक : 1, 10, 19, 28

 

शुभ अंक : 1, 10, 19, 28, 37, 46, 55, 64, 73, 82


शुभ वर्ष : 2026, 2044, 2053, 2062

 

ईष्टदेव : सूर्य उपासना तथा मां गायत्री


शुभ रंग : लाल, केसरिया, क्रीम

 

कैसा रहेगा यह वर्ष


पदोन्नति के योग हैं। बेरोजगारों के लिए भी खुशखबर है इस वर्ष आपकी मनोकामना पूरी होगी। स्वास्थ्य की दृष्टि से यह वर्ष उत्तम रहेगा। पारिवारिक मामलों में महत्वपूर्ण कार्य होंगे। अविवाहितों के लिए सुखद स्थिति बन रही है। विवाह के योग बनेंगे। नौकरीपेशा के लिए समय उत्तम हैं। यह वर्ष आपके लिए अत्यंत सुखद रहेगा। अधूरे कार्यों में सफलता मिलेगी।

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