Poisonous Seeds: भूलकर भी न खाएं इन 5 फलों के बीज
1. सेब के बीज : सेब एक ऐसा फल है जिसको खाने की हर हेल्थ एक्सपर्ट सलाह देता है। इसके बारे में एक मशहूर कहावत है कि एन एप्पल ए डे, कीप्स डॉक्टर अवे मतलब अगर हम रोजाना एक सेब खाते हैं तो डॉक्टर से दूर रह सकते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हेल्थ के लिए इतने जरूरी सेब को सही तरीके से न खाना जानलेवा भी साबित हो सकता है। जहां सेब हमारी हेल्थ के लिए बेहद फायदेमंद है तो वहीं इसके बीज उतने ही नुकसानदायक हैं। कई बार लोग सेब के साथ इसके बीज को भी निगल लेते हैं या फिर जूस के माध्यम से इनका सेवन कर लेते हैं, जो उनके लिए बेहद घातक साबित हो सकता है। दरअसल, सेब के बीज में एक विषैला कंपाउंड एमिग्डलिन होता है। सेब के साथ उसका बीज खाने की वजह से यह कंपाउंड शरीर में चला जाता है और पाचन के समय जानलेवा हाइड्रोजन साइनाइड बनाता है।
2. टमाटर के बीज : चाहे देसी खाना हो या विदेशी, सभी में टमाटर का इस्तेमाल बड़ी मात्रा में होता है। सब्जी और दाल से लेकर सलाद तक में इसे शामिल किया जाता है। स्वाद बढ़ाने के साथ-साथ टमाटर हेल्थ के लिए भी काफी अच्छा माना गया है। वहीं बात करें टमाटर के बीज की तो सेव के बीज जैसी ही ज्यादा मात्रा में इनका सेवन हेल्थ पर बुरा असर डाल सकता है। दरअसल, टमाटर के बीजों में पाया जाने वाला ऑक्सलेट किडनी स्टोड यानी गुर्दे की पथरी बनाने में सहायक होता है।
3. चेरी के बीज : सेब की तरह चेरी के बीज में भी हेल्थ को नुकसान पहु्ंचाने वाला विषैला कंपाउंड एमिग्डालिन पाया जाता है। जो कि पाचन क्रिया के दौरान जानलेवा हाइड्रोजन साइनाइड बनाता है। ऐसे में जरूर है कि आप केवल चेरी खाएं जबकि इसके बीजों को अलग निकाल दें।
4. खुबानी के बीज : खुबानी खाने में लजीज होती है इसके बीज हेल्थ के लिए उतने ही घातक होते हैं। खुबानी के बीज में बिषैले सायनोजेनिक गलाइकोसाइड और एमिग्डालान कंपाउंड होते हैं। यदि खुबानी के बीजों का अधिक मात्रा में सेवन कर लिया जाए तो व्यक्ति कोमा में भी जा सकता है।
5. लीची के बीज : कई पोषक तत्वों से भरपूर लीची के बीज भी हेल्थ के लिए बेहद नुकसानदायक हैं। कई बार लोग अन्य फलों के जैसे ही लीची की गुठली को भी फायदेमंद जानकर चबाने लगते हैं। लेकिन वह इस बात से अनजान रहते हैं कि इससे उनके स्वास्थ्य पर कितना बुरा असर पड़ रहा है। दरअसल, लीची के बीज में अमीनो एसिड पाया जाता है जो ब्लड ग्लकोज के लेवल को बुरी तरह प्रभावित करता है। साथ ही इसके प्रभाव से दिमाग में सूजन जैसी समस्याएं भी पैदा हो सकती हैं।

0 टिप्पणियाँ