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किसी भी शुभ कार्य के आरम्भ से पहले हम गणेश जी की पूजा क्यों करते है | Why do we worship Lord Ganesha before starting any auspicious work?

 किसी भी शुभ कार्य के आरम्भ से पहले हम गणेश जी की पूजा क्यों करते है | Why do we worship Lord Ganesha before starting any auspicious work?



किसी भी शुभ कार्य के आरम्भ से पहले हम गणेश जी की पूजा क्यों करते है

नमस्कार मित्रों,आप सभी का हमारे RKTNews में हार्दिक स्वागत है आज हम बात करेंगे की किसी भी शुभ कार्य के आरम्भ से पहले हम गणेश जी की पूजा क्यों करते है 




चाहे किसी की शादी-विवाह हो या मुंडन संस्‍कार, गृह प्रवेश हों या किसी और भगवन का जाप,सभी शुभ कार्यों से पहले गणेशजी को पूजा जाता है। आइए जानते हैं ऐसा क्‍यों किया जाता है…


किसी भी शुभ कार्य के आरम्भ से पहले हम गणेश जी की पूजा क्यों करते हैएक बार सभी देवताओं के बीच,इस बात को लेकर नोक झोक हो गयी कि धरती पर किसकी पूजा सबसे पहले की जानी चाहिए। जिस बात पर सभी देवतागण खुद को  सर्वश्रेष्‍ठ बताने लगे। तब नारदजी ने इस स्थिति को देखते हुए कहा की शिवजी की शरण में जाने से सभी देवतायों को इस सवाल का जवाब मिल जायेगा जिसके बाद जब सभी देवता शिवजी के पास पहुंचे तो उन्‍होंने इस विवाद को सुलझाने के लिए एक प्रतियोगिता आयोजित की। उन्‍होंने सभी देवताओं से कहा की उन्हें अपने-अपने वाहन पर बैठकर संपूर्ण ब्रह्मांड का चक्‍कर लगाना है| और जो भी इस प्रतियोगिता में जीतेगा उनकी ही पूजा धरती पर सबसे पहले की जाएगी .



जिसके बाद सभी देवता जल्द से जल्द अपने-अपने वाहन पर सवार होकर ब्रह्मांड का चक्‍कर लगाने के लिए निकल पड़े। मगर गणेशजी ने ऐसा ना किया वह अपने वाहन मूषक पर सवार नहीं हुए। वह ब्रह्मांड को छोड़ कर अपने माता-पिता के चारों ओर परिक्रमा करने लगे। उन्‍होंने माता-पिता की 7 बार परिक्रमा की और हाथ जोड़कर खड़े हो गए।

किसी भी शुभ कार्य के आरम्भ से पहले हम गणेश जी की पूजा क्यों करते है


जब सभी देवता ब्रह्मांड का चक्‍कर लगाकर लौटे तो गणेशजी को वहीं देख कर चौक गये और उसी क्षण शिवजी ने प्रतियोगिता के विजेता की घोषणा की| उन्‍होंने गणेशजी को विजेता घोषित किया। जिसके बाद देवतागण आश्‍चर्य में पड़ गए कि सभी देवता पूरे ब्रह्मांड का चक्‍कर लगाकर आए हैं लेकिन उनकी बजाए गणेशजी को विजेता क्‍यों घोषित किया गया। और फिर शिवजी ने बताया कि पूरे ब्रह्मांड में माता-पिता का स्‍थान सर्वोपरि है और गणेशजी ने अपने माता-पिता की परिक्रमा की है, इसलिए उन्हें सभी देवताओं में सबसे पहले पूजा जायेगा| तभी से गणेशजी की पूजा सबसे पहले की जाती है| 



और हम आपको बता दें की गणेशजी को सबसे पहले पूजने के पीछे एक मान्‍यता भी है कि बप्‍पा हर प्रकार के विघ्‍न बाधा को हर लेते हें। उनकी पूजा करने से कोई भी कार्य बिना बाधा के पूर्ण होता है। जो भी कार्य आप करते हैं वो बिना रुकावट के अपने मुकाम को हासिल कर लेता है। 

किसी भी शुभ कार्य के आरम्भ से पहले हम गणेश जी की पूजा क्यों करते है


अतः सभी भक्तों को पूरी श्रद्धा व आस्था से गणेश जी का पूजन हर शुभ कार्य से पूर्व करना चाहिए| 

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