इन्सान के मरने के बाद उसकी आत्मा कहाँ जाती है
Where does a person's soul go after death
मृत्यु यानी मौत एक ऐसा सत्य है जिसे झुटलाया नहीं जा सकता| जो इंसान दुनिया मे आया है उसका अंत निश्चित है पर एक बात एकदम सच है की इंसान जो करम जीवित रहते हुए करता है उसी के हिसाब से उसको नया जनम मिलता है पर कभी कभी हम ये सोचते है की इन्सान के मरने के बाद उसकी आत्मा कहाँ जाती है, ये आत्मा धरती पर कितने दिन रहती है और ये आत्मा हमें देख सकती या नहीं तो बीस इन्ही सवालों के जवाब जानने के लिए बने रहिये अंत तक
हमारी पुराणों में इन सभी बातों को विस्तार से बताया गया है तो चलिए देखते है क्या लिखा गया है गरुड़ पुराण में| गरुड़ पुराण में मृत्यु और आत्मा के बारे में काफी जानकारी दी गयी है

सबसे पहले जानते है की मृत्यु होने पर कैसा लगता होगा
एक इंसान की मृत्यु कई चरणों में होती है जब इंसान का अंतिम समय सामने आजाता है तो उसे एक ही पल में अपनी पूरी ज़िन्दगी दिखाई देती है और ये बिलकुल किसी विडियो की तरह नज़र आती है| जब इंसान मर रहा होता है तो उसकी सारी इन्द्रियां धीरे धीरे काम करना बंद कर देती है और इसी कारण वह मरते वक़्त कुछ भी बोलने में असफल होता है

अब जानते है की मरने के बाद आत्मा कहाँ जाती है
ऐसा कहा जाता है की इंसान को यमलोक से 2 यमदूत लेने आते है | जिस इंसान ने जीवन में अच्छे करम किये होते है उसे अपने प्राण त्यागने में किसी बाधा का सामना नहीं करना पढ़ता और वहीं दूसरी और जिस इंसान ने अपने जीवनयापन में बुरे करम किये होते है उसे प्राण त्यागने में काफी बाधाएं आती है | इस पुराण में बताया गया है की मृत्यु के बाद यमदूत आत्मा को 24 घंटो के लिए यमलोक ले जाते है और इन 24 घंटो में इंसान को उसके सारे पाप और पुण्य को दिखाकर उनका एहसास करवाया जाता है जिसके बाद में उस आत्मा को 13 दिनों के लिए वापिस से वहीं लेजाया जाता है जहाँ उसने अपने प्राण त्यागे होते है और 13 दिन के बाद वापिस से यमलोक में लेजाया जाता है

अब आपको बताते है की यमलोक में जाने के बाद आत्मा कहाँ जाती है
ऐसा कहा जाता है की इंसान को उसके कर्मो के हिसाब से 4 में से एक लोक में भेजा जाता है जिसमे से एक है ब्रह्मलोक,दूसरा है देवलोक तीसरा है पित्र्लोक और चोथा है नरकलोक | ब्रह्मलोक में वो आत्मा जाती है जिसने तप और योग करके मोक्ष प्राप्त किया होता है| दूसरा है देवलोक उसमें वो आत्मा रहती है जिसे कुछ समय यहाँ वक्त बिताने के बाद फिर से मनुष्य की तरह जनम लेना होता है| तीसरा द्वार है पित्र्लोक पित्र्लोक में वो आत्मा पहुचती है जिसने पितरों के साथ थोडा वक़्त बीताकर दुबारा से मनुष्य की तरह जनम लेना होता है और नरक लोक में सिर्फ पापी और बुरी आत्माए ही भेजी जाती है है | ये सभी आत्माए अपने द्वार में कुछ समय रहने के बाद अपने अपने कर्मों के हिसाब से अलग अलग योनी में जनम लेती है

तो दोस्तों हमें अपने जीवन में अच्छे करम ही करने चाहिए क्योंकि अच्छे लोग ही स्वर्ग की सीढ़ी चढ़ पाते है
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धन्यवाद्

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