आज का वैदिक पंचांग
दिनांक - 17 जुलाई 2023
दिन - सोमवार
विक्रम संवत - 2080
शक संवत -1945
अयन - दक्षिणायन
ऋतु - वर्षा ॠतु
मास - श्रावण
पक्ष - कृष्ण
तिथि - अमावस्या रात्रि 12:01 तक तत्पश्चात प्रतिपदा
नक्षत्र - पुनर्वसु 18 जुलाई प्रातः 05: 11 तक तत्पश्चात पुष्य
योग - व्याघात सुबह 08:58 तक तत्पश्चात हर्षण
राहुकाल - सुबह 07:46 से सुबह 09:25 तक
सूर्योदय-06:07
सूर्यास्त- 19:22
दिशाशूल- पूर्व दिशा में
व्रत पर्व विवरण - श्रावण अमावस्या,दर्शअमावस्या,हरियाली अमावस्या,सोमवती अमावस्या
विशेष- अमावस्या
अमावस्या विशेष
स्कन्दपुराण के प्रभास खंड के अनुसार
अमावास्यां नरो यस्तु परान्नमुपभुञ्जते ।। तस्य मासकृतं पुण्क्मन्नदातुः प्रजायते"
जो व्यक्ति अमावस्या को दूसरे का अन्न खाता है उसका महिने भर का पुण्य उस अन्न के स्वामी/दाता को मिल जाता है।
समृद्धि बढ़ाने के लिए
कर्जा हो गया है तो अमावस्या के दूसरे दिन से पूनम तक रोज रात को चन्द्रमा को अर्घ्य दे, समृद्धि बढेगी ।
दीक्षा मे जो मन्त्र मिला है उसका खूब श्रध्दा से जप करना शुरू करें , जो भी समस्या है हल हो जायेगी ।
अमावस्या
अमावस्या के दिन जो वृक्ष, लता आदि को काटता है अथवा उनका एक पत्ता भी तोड़ता है, उसे ब्रह्महत्या का पाप लगता है (विष्णु पुराण)
अधिकमास (पुरषोत्तम मास) में दीप दान
पुरषोत्तम मास (18 जुलाई से 16 अगस्त 2023) में पूरा दीप दान करना | मंदिर में दीप जलाके रख दिया, पीपल के नीचे रख दिया, तुलसी को रख दिया | दीप दान की बड़ी महिमा है , पुरषोत्तम मास मे दीप दान से हर आफत शराफत से छूट जायेंगी |
बरकत बढ़ाने (अधिक मास विशेष)
अधिक मास :- 18 जुलाई से 16 अगस्त 2023 तक
पुरुषोत्तम मास पूरा दोपहर को खाना खाने से पहले भगवत गीता का १५ वां अध्याय पढ़के फिर ही भोजन करना | घर में से बरकत कभी जायेगी ही नहीं | कोई ऐसा है जो भगवत गीता का १५ वां अध्याय पूरा नहीं भी पढ़ सकता तो १५ वें अध्याय का एक श्लोक ही पढ लें | पर १५ वां अध्याय उतना बड़ा नहीं है, चाहें तो पूरा पढ़ सकते हैं |
पुरुषोत्तम मास में अनुष्ठान भी किया जाता है ...जप ज्यादा किया जाता है | अधिक मास में जप की अधिक महिमा है | जिसको अनुष्ठान करना हो वे भाई-बहनें पुरुषोत्तम मास का फायदा जरुर उठायें | अनुष्ठान ना कर सकें .......नौकरी धंधे में से समय नहीं मिलता तो जप ज्यादा कर दें | रात को सोने से पहले जप कर लें |
गंगा स्नान का मंत्र
गंगा स्नान के लिए रोज हरिद्वार तो जा नही सकते, घर में ही गंगा स्नान का पुन्य मिलने के लिए एक छोटा सा मन्त्र है ..
ॐ ह्रीं गंगायै ॐ ह्रीं स्वाहा
ये मन्त्र बोलते हुए स्नान करें तो गंगा स्नान का लाभ होता है |
जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं बधाई और शुभाशीष
दिनांक 17 को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 8 होगा। आप अपने जीवन में जो कुछ भी करते हैं उसका एक मतलब होता है। आपके मन की थाह पाना मुश्किल है। आपको सफलता अत्यंत संघर्ष के बाद हासिल होती है। कई बार आपके कार्यों का श्रेय दूसरे ले जाते हैं। यह ग्रह सूर्यपुत्र शनि से संचालित होता है। इस दिन जन्मे व्यक्ति धीर गंभीर, परोपकारी, कर्मठ होते हैं। आपकी वाणी कठोर तथा स्वर उग्र है। आप भौतिकतावादी है। आप अदभुत शक्तियों के मालिक हैं।
शुभ दिनांक : 8, 17, 26
शुभ अंक : 8, 17, 26, 35, 44
शुभ वर्ष : 2024, 2042
ईष्टदेव : हनुमानजी, शनि देवता
शुभ रंग : काला, गहरा नीला, जामुनी
कैसा रहेगा यह वर्ष
शत्रु वर्ग प्रभावहीन होंगे, स्वास्थ्य की दृष्टि से समय अनुकूल ही रहेगा। सभी कार्यों में सफलता मिलेगी। जो अभी तक बाधित रहे है वे भी सफल होंगे। व्यापार-व्यवसाय की स्थिति उत्तम रहेगी। राजनैतिक व्यक्ति भी समय का सदुपयोग कर लाभान्वित होंगे। नौकरीपेशा व्यक्ति प्रगति पाएंगे। बेरोजगार प्रयास करें, तो रोजगार पाने में सफल होंगे।

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