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ईश्वर सब देखता है | ISHWAR SAB DEKHTA HAI | दिल को छूने वाली कहानी | प्रेरणादायक कहानी | मोटिवेशनल स्टोरी | Heart Touching Story | Motivational Story

 ईश्वर सब देखता है | ISHWAR SAB DEKHTA HAI | दिल को छूने वाली कहानी | प्रेरणादायक कहानी | मोटिवेशनल स्टोरी | Heart Touching Story | Motivational Story

ईश्वर सब देखता है | ISHWAR SAB DEKHTA HAI | दिल को छूने वाली कहानी | प्रेरणादायक कहानी | मोटिवेशनल स्टोरी | Heart Touching Story | Motivational Story


एक बार लन्दन में शेक्सपियर के एक प्रसिद्ध नाटक का मंचन हो रहा था। उन दिनों संभ्रांत लोगों का नाटक देखना अच्छा नहीं माना जाता था। पुजारी, पादरियों के लिए तो यह पूर्णतः प्रतिबंधित था।


लन्दन के एक प्रसिद्ध चर्च के पादरी ने लोगों के मुंह से उस नाटक की बड़ी प्रसंशा सुनी थी। नाटक देखने की उसे बड़ी प्रबल इच्छा हुई। उसने सोचा सबसे छुपकर अगर थियेटर में प्रवेश कर लिया जाय। तो किसी को पता नहीं चलेगा।


इसलिए उसने थियेटर के मैनेजर को पत्र लिखा कि वह उसे पिछले दरवाजे से चुपचाप प्रवेश दिला दे। मैनेजर ने जवाब दिया, “महोदय ! मुझे खेद है कि मेरे यहाँ ऐसा कोइ दरवाजा नहीं है जो ईश्वर की नजर से छुपा हो।”


मैनेजर के जवाब से पादरी को जीवन की सबसे बड़ी सीख मिल गयी।


सीख


कोई काम करने से पहले यह जरूर सोचना चाहिए कि ईश्वर से कुछ भी छुपा नहीं है। वह सब देखता है।

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