ये छठ जरुरी है |
- धर्म के लिए नहीं..... समाज के लिए नहीं |
- जरुरी है हम आप के लिए जो अपनी जड़ों से कट रहे हैं |
- उन बेटों के लिए जिनके घर आने का ये बहाना है |
- उस माँ के लिए जिन्हें अपनी संतान को देखे महीनों हो जाते हैं।
- उस परिवार के लिये जो टुकड़ो में बंट गया है |
- ये छठ जरुरी है उस नई पौध के लिए जिन्हें नहीं पता की दो कमरों से बड़ा भी घर होता है |
- उनके लिए जिन्होंने नदियों को सिर्फ किताबों में ही देखा है |
- ये छठ जरुरी है उस परंपरा को ज़िंदा रखने के लिए जो समानता की वकालत करता है |
- जो बताता है कि बिना पुरोहित भी पूजा हो सकती है |
- जो सिर्फ उगते सूरज को ही नहीं डूबते सूरज को भी प्रणाम करता है |
- ये छठ जरुरी है #गागर, #निम्बू और #सुथनी जैसे फलों को जिन्दा रखने के लिए | सूप और दउरा को बनाने वालों के
लिए | ये बताने के लिए इस समाज में उनका भी महत्व है |
- ये छठ जरुरी है उन दंभी पुरुषों के लिए जो नारी को कमज़ोर समझते हैं |
- ये छठ जरुरी है...... बेहद जरुरी |
अंत में आप सभी को आस्था के इस पावन पर्व छठ की हार्दिक शुभकामनाएं।

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