मेरा उपदेश | दिल को छूने वाली कहानी | प्रेरणादायक कहानी | मोटिवेशनल स्टोरी | Heart Touching Story | Motivational Story
एक व्यक्ति किसी महात्मा के पास गया और उस महात्मा से उपदेश देने की प्राथना की।
महात्मा बोले, “मेरा उपदेश यह है की आज के बाद किसी से उपदेश मत मांगना।”
महात्मा की इस बात को सुन कर वह व्यक्ति उलझन में पड गया, सोंच में पड गया की महात्मा ने एसा क्यों कहा होगा।
उसे इस असमंजस में पड़े देख महात्मा बोले – की हे व्यक्ति तुम बताओं की, सच बोलना अच्छा है या बुरा है।
व्यक्ति बोला कि – महात्मन, सच बोलना तो अच्छा बात है।
महात्मा – चोरी करना ठीक है या गलत।
व्यक्ति – चोरी तो पाप है महाराज, यह तो गलत बात है।
महात्मा – समय का सदुपयोग करना चाहिए या दुरपयोग करना चाहिए।
व्यक्ति – महाराज, समय बहुत कीमती है, इसका सदुयोग करना चाहिए अच्छे कामों में लगाना चाहिए।
महात्मा – व्यक्ति बताओं कि दुसरो की इज़्ज़त करनी चाहिए या नहीं करनी चाहिए।
व्यक्ति – दूसरों की इज़्ज़त जरुरी है महराज, तभी तो खुद को इज़्ज़त मिलेगा इसलिए दूसरों को इज़्ज़त अवश्य करनी चाहिए।
अंत में महात्मा ने उस व्यक्ति से कहा कि “तुम सब कुछ तो जानते हो फ़ीर और कौन सा उपदेश चाहिए तुम्हे। जब तुम्हे अच्छाइयों का ज्ञान है तो इसका पालन करों, इसे जीवन में उतारो, इन पर अम्ल करो तभी तो उपदेश का महत्व होगा।
तभी तो कल्याण होगा, केवल उपदेश सुनने से मात्र कल्याण नहीं होने वाला।
दोस्तों कहानी, लेख का तात्पर्य यह है की केवल उपदेश सुनने से कुछ होने वाला नहीं है, उसे जीवन में उतारना बहुत जरुरी है।
हम सब चीज़े जानते है, सहीं गलत का फर्क पहचानते है फीर भी जीवन भर उलझे रहते है। और तो और इतना समझ होने के बाद भी हमे पल-पल उपदेश का Motivation चाहिए होता है, जबकि सारा गुण हमारे अंदर हैं।

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