मनुष्य की कीमत क्या है | दिल को छूने वाली कहानी | प्रेरणादायक कहानी | मोटिवेशनल कहानी
एक गांव था। उस गांव में एक लुहार रहता था। जिसका नाम था रामु। उसका एओ बेटा भी था उसका नाम था भोलू। एक दिन रामु अपना काम कर रहा था, ओर उसका बेटा भोलू आराम से बैठा था। वो मन ही मन सोच रहा था। और उसके मन मे एक विचार आया। उसने अपने पिता से पूछा कि दुनिया मे इंसान की कीमत क्या है ?
रामु अपने बेटे के मुख से ऐसा सवाल सुन के वो चौक गया। फिर भी उसने मना नहीं किया, उसने कहा बेटा एक मनुष्य का किम्मत लगाना बहोत ही मुश्किल है। वो अनमोल है। भोलू ने कहा पिताजी क्या सभी लोग अनमोल ओर महत्वपूर्ण होते है। हा बेटा ! भोलू को कुछ समझ मव नहीं आया उसने फिर से पूछा, तो इस दुनिया मे लोग गरीब और अमीर क्यों है। किसी को ज्यादा इज्जत और किसी को कम इज्जत क्यों मिलती है। यह सुनकर रामु थोड़ी देर के लिए शांत हो गया।
रामु ने अपने बेटे को स्टोर रूम से लोहे का रॉड लाने के लिए कहा। भोलू दौड़ता हुआ गया और लोड लेकर आ गया। रामु ने पूछा बेटा इस रोड की किम्मत क्या होगी ? भोलू ने कहा 50 रुपया, रामु ने कहा अगर में इसका छोटे छोटे कील बनाऊ तो इसका क्या किम्मत होगा। भोलू सोचकर बोला, 500 रुपये। अगर में इसका घड़ी या किसी का स्प्रिंग बनाउ तो इसका क्या किंमत रहेगी। बेटे ने कहा, तो पिताजी इसकी किंमत तो बहोत ज्यादा बढ़ जाएगी।
फिर पिताजी ने उसे समझाया, इसी तरह इंसान की कीमत भी उसमे नहीं है कि वो अभी क्या है, बल्कि उसमे है कि वो आने आप को किस काबिल बना सकता है। भोलू अपने पिताजी की बात समझ गया था, की मनुष्य की किंमत क्या है।
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