Header Ads Widget

माँ की फटकार | दिल को छूने वाली कहानी | प्रेरणादायक कहानी | मोटिवेशनल कहानी

 माँ की फटकार  | दिल को छूने वाली कहानी | प्रेरणादायक कहानी | मोटिवेशनल कहानी  


सुबह सुबह पति पत्नी का झगड़ा हो गया।

पत्नी गुस्से मे बोली - बस, बहुत कर लिया बरदाश्त, अब एक मिनट भी तुम्हारे साथ नहीं रह सकती।

पति भी गुस्से मे था, बोला "मैं भी तुम्हे झेलते झेलते तंग आ चुका हुं।

पति गुस्से मे ही दफ्तर चला गया , पत्नी ने अपनी मां को फ़ोन किया और बताया के वो सब छोड़ छाड़ कर बच्चों समेत मायके आ रही है, अब और ज़्यादा नही रह सकती इस नरक में ।


मां ने कहा - बेटी बहु बन कर आराम से वहीं रह ले , तेरी बड़ी बहन भी अपने पति से लड़कर आई थी, और इसी ज़िद्द मे तलाक लेकर बैठी हुई है, अब तुने भी वही ड्रामा शुरू कर दिया है, ख़बरदार जो तुने इधर कदम भी रखा तो ! अपने पति से समझौता कर ले , वो इतना बुरा भी नहीं है।

मां ने सख्ती से लाल झंडी दिखाई तो बेटी के होश ठिकाने आ गए और वो फूट फूट कर रो दी, जब रोकर थकी तो दिल हल्का हो चुका था । 

उसने अपने पति के साथ लड़ाई का सीन सोचा तो उसे अपनी खुद की भी काफ़ी गलतियां नज़र आईं ।

         

मुहं हाथ धोकर फ्रेश हुई और पति के पसंद की डीश बनानी शुरू कर दी, और साथ में पति के पसंद की स्पेशल खीर भी बना ली, सोचा कि शाम को पति से माफ़ी मांग लूंगी, अपना घर फिर भी अपना ही होता है । पति शाम को जब घर आया तो पत्नी ने उसका अच्छे से स्वागत किया, जैसे सुबह कुछ हुआ ही ना हो ! पति को भी हैरत हुई।

खाना खाने के बाद पति जब खीर खा रहा था तो बोला डियर , कभी कभार मैं भी ज़्यादती कर जाता हुं, तुम दिल पर मत लिया करो, इंसान हूं , गुस्सा आ ही जाता है"।

पति पत्नी का शुक्रिया अदा कर रहा था, और पत्नी दिल ही दिल मे अपनी मां को दुआएं दे रही थी, जिसकी सख़्ती ने उसको अपना फैसला बदलने पर मजबूर किया था, वरना उसका जज़्बाती फैसला उसी का घर तबाह कर देता।


शिक्षा


यदि  माँ-बाप अपनी शादीशुदा बेटी की हर जायज़ नाजायज़ बात को सपोर्ट करना बंद कर दें तो रिश्ते बिगड़ने से बच जाते है।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ